नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली में न्यू रोहतक रोड पर लगने वाले जाम से राहत के लिए मुंडका से पीरागढ़ी के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) रेलवे लाइन के समानांतर यह कॉरिडोर बनाने पर विचार कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा से दिल्ली आने वाले भारी वाहनों को अलग मार्ग उपलब्ध कराकर न्यू रोहतक रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करना है।
एनएचएआई के अनुसार इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक, ट्रॉला और अन्य व्यावसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश करते हैं। पीरागढ़ी, नांगलोई, राजधानी पार्क और मुंडका चौक जैसे इलाकों में भारी वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होता है। प्रस्तावित कॉरिडोर बनने के बाद इन वाहनों को बाईपास मार्ग दिया जा सकेगा, जिससे मौजूदा सड़क पर स्थानीय यातायात के लिए जगह बढ़ेगी।
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यूईआर-2 से जोड़ने की योजना
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को आगे चलकर अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से जोड़ने की योजना है। इससे हरियाणा की ओर से आने वाले वाहनों को न्यू रोहतक रोड पर आए बिना आउटर दिल्ली और नॉर्थ दिल्ली की ओर जाने का वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।
रेलवे से एनओसी का इंतजार
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी दिल्ली प्रदीप सिंह गुसाईं के मुताबिक, मुंडका से पीरागढ़ी के बीच रेलवे लाइन के किनारे कॉरिडोर बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे से सैद्धांतिक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की प्रक्रिया चल रही है। एनओसी मिलने के बाद विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
18 किमी न्यू रोहतक रोड को सिग्नल फ्री करने की भी योजना
न्यू रोहतक रोड को सिग्नल फ्री बनाने की डीपीआर फिलहाल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के विचाराधीन है। पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर तक करीब 18 किलोमीटर लंबे मार्ग को सिग्नल फ्री करने की योजना है।
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एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, यह काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में पीरागढ़ी से घेवरा तक के हिस्से को सिग्नल फ्री करने की योजना है। इसी के साथ न्यू रोहतक रोड से भारी वाहनों को हटाने के लिए प्रस्तावित बाईपास मार्ग भी अहम भूमिका निभाएगा।







