नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शनिवार, 3 अक्टूबर को भी दोपहर 1 बजे प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। आयोजकों की ओर से लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। इस प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
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जंतर-मंतर समेत कई मार्गों पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर रोड, जनपथ, संसद मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग और अशोक रोड पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस के अनुसार, इन इलाकों में आने-जाने वाले लोगों से पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैरिकेडिंग वाले क्षेत्रों में प्रवेश से पहले लोगों के वहां आने का कारण पूछा जाएगा। बिना कारण की पुष्टि के प्रवेश की अनुमति नहीं देने की बात कही गई है। सुरक्षा व्यवस्था में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
शुक्रवार को भी हुआ था विरोध
इससे पहले 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की थी, जिसके तहत विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
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इसके बावजूद प्रदर्शन को लेकर गतिविधियां जारी रहीं और अब शनिवार को दोबारा जुटने का आह्वान किया गया है। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव समेत कई एक्टिविस्ट ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
मुंबई में भी हुआ प्रदर्शन
SIR को लेकर विरोध दिल्ली तक सीमित नहीं है। 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुआ।
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आयोजकों में AISA के अलावा राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण का भी नाम सामने आया है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों और चुनाव संचालन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का भी हवाला
विरोध-प्रदर्शन के पीछे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उठे सवालों का भी हवाला दिया जा रहा है। प्रेस रिलीज में इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR अभ्यास तथा अन्य चुनावी मामलों से जुड़े निर्णयों और प्रक्रियाओं पर 10 महीने की अवधि में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
प्रदर्शन आयोजक इसी तरह के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को आधार बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।







