उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई के आंकड़े जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, 20 मार्च 2017 से अब तक पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 अपराधी घायल हुए हैं। इस अवधि में इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई।

सरकार की ओर से जारी विवरण के अनुसार, नकद इनाम घोषित 23,601 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। NSA के तहत 995 आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।

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माफिया और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई

सरकारी आंकड़ों में अपराधियों और माफिया से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई का भी उल्लेख है। सरकार के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत 152.33 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है।

इसके अलावा राज्यभर में अपराधियों और माफिया तत्वों से जुड़ी कुल 15,233 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त किए जाने का दावा सरकार ने किया है।

संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के तहत राज्य स्तर पर चिन्हित 68 माफिया सरगनाओं और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान 909 मामले दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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75 जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन

सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी भी साझा की है। आधिकारिक विवरण के मुताबिक, प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं।

साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस ने 874.58 करोड़ रुपये की धनराशि जब्त की है। सरकार का कहना है कि साइबर अपराध की निगरानी और कार्रवाई के लिए पुलिस व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है।

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पुलिस व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

इससे पहले 1 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नत तकनीक से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में पुलिस सुधारों और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि 2017 से पहले प्रदेश में पुलिस के सामने कई चुनौतियां थीं और उनकी सरकार ने पुलिस व्यवस्था में सुधार के साथ तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया है। उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व में निर्णय लेने की इच्छाशक्ति को कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी बताया।

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं और प्रत्येक जिले में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। 'सेफ सिटी' और यातायात से जुड़ी पहलों के तहत इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती भी की गई है।

सरकार के अनुसार, पुलिस सुधारों और तकनीकी संसाधनों के विस्तार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना तथा अपराध पर निगरानी और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।