रेवाड़ी, हरियाणा: Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाजरे पर 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह राशि भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को मिलेगी।
सीएम ने शुक्रवार को बाजरा और धान खरीद 2026 की तैयारियों पर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ हिदायत दी कि प्रदेश के किसानों को पूरा भाव हर हाल में मिले।
कैसे मिलेगा 2900 रुपये का भाव
सरकार इस साल बाजरा 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। अगर किसान खुले बाजार में इससे ज्यादा भाव पर बेचता है तो बिक्री मूल्य और 2900 रुपये के बीच का अंतर सरकार भरेगी।
अभी खुले बाजार में बाजरा औसतन 2235 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। सरकार का लक्ष्य पंजीकृत किसानों को कुल 2900 रुपये प्रति क्विंटल दिलाना है।
पिछले साल खरीद पहले 2150 रुपये और बाद में 2200 रुपये पर हुई थी। तब भी एमएसपी और खरीद मूल्य का अंतर सरकार ने अलग से दिया था।
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मेरी फसल-मेरा ब्यौरा जरूरी
भावांतर भरपाई और खरीद का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनका रिकॉर्ड मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज है। जे-फार्म भी जरूरी होगा।
सीएम ने एरिया वेरिफिकेशन का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे सिर्फ हरियाणा के असली किसानों को ही योजना का फायदा पहुंचे।
पड़ोसी राज्यों से बाजरा रोकने की सख्ती
पड़ोसी राज्यों में बाजरा सस्ता बिकता है। इसलिए बिचौलिए वहां का बाजरा हरियाणा की मंडियों में बेचने की कोशिश करते हैं।
सीएम ने कहा कि सीमाओं पर जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से कड़ी नाकेबंदी की जाए। अवैध आवक पर पूरी रोक लगाई जाए।
धान खरीद की भी तैयारियां
बैठक में धान खरीद की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। सभी जिलों में राइस मिलर्स का पंजीकरण जल्द कराने को कहा गया।
जो मिलर्स पहले अनियमितताओं में पकड़े गए थे, उनका पंजीकरण नहीं होगा। कम मिलर्स वाले जिलों का धान दूसरे जिलों के पंजीकृत मिलर्स को दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों के मिलर्स को भी जोड़ने के निर्देश दिए गए।
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मंडियों में कैमरे और जियो-फेंसिंग
बाजरा और धान खरीद के लिए मंडियों में कैमरे लगाने, जियो-फेंसिंग कराने और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने के आदेश दिए गए। किसानों को सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। किसानों से अपील है कि वे अपना फसल रिकॉर्ड और जे-फार्म समय पर अपडेट रखें ताकि लाभ मिलने में कोई दिक्कत न हो।







