तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह को भारत वापस लाया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई में शामिल सभी एजेंसियों को बधाई दी। उनके अनुसार, भारत लौटने के बाद नवप्रीत सिंह को ड्रग तस्करी और अन्य अपराधों से जुड़े मामलों में जेल भेज दिया गया है।

अमित शाह ने कहा कि नवप्रीत सिंह ने तुर्की की नागरिकता हासिल करने के लिए ‘नवाब विर्क’ नाम की फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था। इसके बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथम्फेटामाइन की तस्करी करता रहा। भारतीय एजेंसियों ने उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाने के लिए उसकी फर्जी पहचान को उजागर किया और उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की।

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36 देशों से 288 भगोड़ों को वापस लाने का दावा

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने भगोड़ों को भारत वापस लाने के लिए समन्वित अभियान शुरू किया है। सरकार के अनुसार, 2019 से अगस्त 2026 तक 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है।

अमित शाह ने कहा कि भगोड़ों को वापस लाने के लिए वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति पर जोर दिया गया है। उन्होंने भगोड़े अपराधियों के मुद्दे को देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया।

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BHARTPOL के जरिए एजेंसियों के बीच समन्वय

सरकार के अनुसार, जनवरी 2025 में BHARTPOL लॉन्च किया गया था। इसके जरिए CBI, राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को एक साझा सूचना ढांचे से जोड़ा गया है।

दावे के मुताबिक, राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के 1,400 से अधिक यूनिट कार्यालय इस पोर्टल से जुड़े हैं। इससे एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान का समय कम हुआ है। गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि CBI द्वारा मांगी गई जानकारी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सामान्य तौर पर 10 से 20 दिनों में और कुछ मामलों में 3 से 10 दिनों में साझा की जा रही है।

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भगोड़ों की संपत्ति जब्ती और वापसी का आंकड़ा

अमित शाह के अनुसार, सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत कार्रवाई को भी तेज किया है। 2019 से 2026 के बीच भगोड़ों की कुल 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने का दावा किया गया है। इसी अवधि में 18,762 करोड़ रुपये की सफल वापसी (Restitution) की बात भी कही गई है, जिसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों से संबंधित धन शामिल है।

गृह मंत्री के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। जुलाई 2026 तक कुल 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।