मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम में महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए हस्तांतरित की। 29,222 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 8.79 करोड़ रुपये भी दिए गए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एनएचएम के तहत 60 एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबियां भी वितरित की गईं।

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महिलाओं के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का ब्यौरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण परिवार और समाज के विकास से जुड़ा विषय है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को राजस्थान में 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है। मां वाउचर योजना के तहत सोनोग्राफी के लिए अब तक 5 लाख 74 हजार कूपन जारी किए जा चुके हैं। पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

बालिका शिक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि 13 लाख 85 हजार साइकिलों का वितरण किया गया है। कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटियां वितरित की गई हैं।

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स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण और सहायता
कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटियां वितरित की गई

मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को 8,866 करोड़ रुपये की पेंशन राशि दिए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी। वहीं, लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिए जाने की बात कही।

26 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में लाई जा चुकी हैं।

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उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। राज्य की 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं और बालिकाओं को हर महीने 12 सैनेटरी नैपकिन निशुल्क दिए जा रहे हैं।

स्वयं सहायता समूहों को 118 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण और सहायता

कार्यक्रम में राजस्थान महिला निधि के तहत मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना में 3,274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। वित्तीय समावेशन के तहत 2,823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।

इसके अलावा 3,300 स्वयं सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजनाओं से संबंधित प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे।

लाभार्थी महिलाओं से किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत की और योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन कर वहां प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली।

लाभार्थी महिलाओं से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत की

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की महिलाओं की भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और महेन्द्रपाल मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिलों की महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी वीसी के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए।