फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के मलवां कस्बे में हुए भीषण गैस हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं पुनर्वास की कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को प्रदेश सरकार के एवं फतेहपुर के प्रभारी मंत्री अजीत पाल पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान मंत्री ने कहा कि हादसे की वास्तविक वजह का खुलासा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मलवां कस्बे में हुए इस भीषण धमाके और मकान ढहने की घटना में अब तक एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। प्रशासन के अनुसार, घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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प्रभारी मंत्री अजीत पाल ने पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राहत वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पीड़ितों से मिलने के बाद मंत्री सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों का हालचाल जाना। चिकित्सकों से इलाज की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
घटना के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि यह त्रासदी अत्यंत दुखद और संवेदनशील है। प्रारंभिक तौर पर इसे गैस सिलेंडर विस्फोट से जुड़ा हादसा माना जा रहा है, लेकिन इसके वास्तविक कारणों की पुष्टि केवल फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचेगी और मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष रखी जाएगी।
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वर्तमान में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर स्तर पर मदद का आश्वासन दिया है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा, भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जांच रिपोर्ट को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाए ताकि हादसे का असली कारण सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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घटना के बाद से मलवां कस्बे में मातम पसरा हुआ है। अपने स्वजनों को खो चुके परिवार अब पारदर्शी जांच, न्याय और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हादसे के वास्तविक कारणों से पर्दा उठाएगी।







