नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (PM-AJAY) देशभर में अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में एक नया अध्याय लिख रही है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित इस योजना के माध्यम से आजीविका, शिक्षा और बुनियादी ढांचागत विकास को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को तीन पुरानी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, विशेष केंद्रीय सहायता और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना को मिलाकर एक एकीकृत रूप दिया गया था।

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47 हजार से अधिक गांव कवर, 18,093 बने 'आदर्श ग्राम'

योजना के 'आदर्श ग्राम' घटक के तहत अब तक अनुसूचित जाति बहुल आबादी वाले 47,243 गांवों को शामिल किया जा चुका है, जिससे 47.79 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। बुनियादी सुविधाओं के अंतर को पाटने के उद्देश्य से 46,944 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा 27,032 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं। 8 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 18,093 गांवों को सफलतापूर्वक ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जा रहा है।

राज्यों को 1730 करोड़ की सहायता, आजीविका को मिला बढ़ावा

ग्रांट्स-इन-एड (Grants in aid) घटक के अंतर्गत वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान राज्यों को सीधे 1,730 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। इस वित्तीय सहायता से 2.5 लाख से अधिक व्यक्तिगत और समूह लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण तथा आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के तहत ₹2.50 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 40 प्रतिशत या उससे अधिक अनुसूचित जाति आबादी और न्यूनतम 500 की कुल जनसंख्या वाले गांवों का चयन किया जाता है।

शिक्षा का दायरा बढ़ा: 785 हॉस्टल तैयार

अनुसूचित जाति समुदाय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के लिए सितंबर 2026 तक 785 छात्र हॉस्टलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दो नए हॉस्टल प्रोजेक्ट्स हेतु ₹61.46 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इनमें से एक हॉस्टल छात्राओं और एक छात्रों के लिए होगा, जिससे ग्रामीण व सुदूर इलाकों के 264 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।

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डिजिटल ट्रैकिंग से पारदर्शिता

योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 'पीएम-एजेएवाई' मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो रही है और कागजी औपचारिकताएं कम हुई हैं। योजना के कुल बजट का 50 प्रतिशत तक आदर्श ग्राम के गैप-फिलिंग, 5 प्रतिशत तकनीकी सहायता और 2 प्रतिशत तक हॉस्टल निर्माण पर खर्च का प्रावधान है, जबकि शेष राशि राज्य व जिला स्तरीय परियोजनाओं में उपयोग की जाती है।

देश की कुल आबादी में अनुसूचित जाति समुदाय का हिस्सा लगभग 16.6 प्रतिशत है। पीएम-एजेएवाई का मूल उद्देश्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। योजना के आगामी चरणों में इसका और विस्तार किया जा रहा है।

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