रेवाड़ी: नई दिल्ली: भारत और फिजी के बीच रक्षा संबंधों को नई दिशा देने के लिए सोमवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में दूसरे द्विपक्षीय जॉइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की।
इन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और फिजी के डिफेंस एंड वेटरन्स अफेयर्स के परमानेंट सेक्रेटरी मेसन स्मिथ ने की। दोनों देशों के अधिकारियों ने सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, सेवाओं के बीच तालमेल, साइबर ट्रेनिंग, रक्षा उद्योग और सशस्त्र बलों के संस्थागत सहयोग को बढ़ाने पर बल दिया।
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भारत ने अपने 'फ्री, ओपन, इंक्लूसिव और सिक्योर' इंडो-पैसिफिक विजन में फिजी और प्रशांत द्वीप देशों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात
बैठक के दौरान फिजी के परमानेंट सेक्रेटरी मेसन स्मिथ ने भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय रक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ रक्षा उद्योग में नए अवसरों की तलाश पर बात हुई। दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित और समावेशी बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
कोच्चि का दौरा करेगा फिजी का प्रतिनिधिमंडल
विशेष सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से फिजी का प्रतिनिधिमंडल 29 और 30 सितंबर को कोच्चि का दौरा करेगा। वहां प्रतिनिधिमंडल दक्षिणी नौसेना कमान की सुविधाओं का निरीक्षण करेगा और उन्नत नौसैनिक प्रशिक्षण व प्रोफेशनल एविएशन ट्रेनिंग मॉड्यूल को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेगा। इससे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तकनीकी कौशल और ऑपरेशनल तालमेल मजबूत होगा।
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बढ़ते रक्षा संबंधों पर जताया संतोष
द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हो रही प्रगति पर दोनों देशों ने गहरा संतोष व्यक्त किया और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग का दायरा और बढ़ाने पर सहमति जताई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत और फिजी के बीच खासकर समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी।







