अबू धाबी: केन्द्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को अबू धाबी में आयोजित 15वें संयुक्त राष्ट्र अपराध निवारण और आपराधिक न्याय कांग्रेस (UN Crime Congress) को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारत में डिजिटल न्याय की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को रेखांकित किया। इसके साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम और आतंकवाद से निपटने के लिए सख्त उपायों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और नागरिकों को समय पर न्याय सुनिश्चित करने पर भारत का पक्ष रखा।

नए आपराधिक कानूनों से न्याय व्यवस्था में बड़े सुधार

अर्जुन राम मेघवाल ने सम्मेलन में उपस्थित वैश्विक प्रतिनिधियों को भारत के नए आपराधिक कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी आपराधिक न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि ये नए कानून वर्षों पुराने औपनिवेशिक कानूनों को हटाकर लागू किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि पीड़ितों को त्वरित और न्यायसंगत राहत प्रदान करना है।

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यूएई के न्याय मंत्री से द्विपक्षीय मुलाकात

सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने यूएई के न्याय मंत्री अब्दुल्ला सुल्तान बिन अवद अल नुआइमी से भी औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कानूनी और न्यायिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने के विभिन्न उपायों पर गहन चर्चा हुई। द्विपक्षीय संबंधों और कानूनी मामलों में समन्वय के लिहाज से इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

क्या है संयुक्त राष्ट्र अपराध कांग्रेस?

यूएन क्राइम कांग्रेस अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा वैश्विक मंच है। यहाँ विश्व भर के नीति निर्माता, कानून विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक साथ जुटते हैं। इसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एंड क्राइम ऑफिस (UNODC) द्वारा किया जाता है।

15वां सम्मेलन 26 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक अबू धाबी में आयोजित हो रहा है। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय "डिजिटल युग में अपराध रोकथाम, आपराधिक न्याय और कानून के शासन को तेज करना: लोगों व पृथ्वी की सुरक्षा और 2030 सतत विकास एजेंडे की प्राप्ति" रखा गया है।

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अबू धाबी घोषणा को मिली मंजूरी

कांग्रेस की शुरुआत में ही 'अबू धाबी घोषणा' (Abu Dhabi Declaration) को सर्वसम्मति से अपनाया गया। यह घोषणापत्र आगामी पांच वर्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय की भावी नीति तय करेगा। इसमें साइबर अपराध, संगठित अपराध, आधुनिक तकनीक का जिम्मेदार उपयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं।

अबू धाबी के इस मंच से अर्जुन राम मेघवाल के संबोधन ने दुनिया को भारत के आपराधिक न्याय सुधारों और वैश्विक स्तर पर सहयोग की भारत की प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है।

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