रेवाड़ी न्यूज़ हिंदी: हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 'हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम' (HSFDC) के माध्यम से विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को व्यवसाय एवं आय सृजन गतिविधियां शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। निगम की इन योजनाओं का लाभ उठाकर क्षेत्र के अनेक लाभार्थी अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

स्वरोजगार योजना से मजबूत हुई गायत्री के परिवार की आर्थिक स्थिति

जिला रेवाड़ी के गांव कोसली निवासी गायत्री ने HSFDC की स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर चूड़ी एवं कॉस्मेटिक सामग्री का व्यवसाय शुरू किया है। निगम से प्राप्त सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना व्यवसाय स्थापित किया और अब पूरी मेहनत एवं लगन के साथ अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।

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गायत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि HSFDC की सहायता उनके लिए स्वरोजगार की एक नई शुरुआत का माध्यम बनी। उन्होंने कहा कि अपना व्यवसाय शुरू करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वह स्वयं आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही हैं।

अमन कुमार ने ई-रिक्शा चलाकर शुरू किया अपना रोजगार

वहीं जिला रेवाड़ी के ही गांव बरियावास निवासी अमन कुमार ने HSFDC की स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर ई-रिक्शा खरीदा है। ई-रिक्शा के माध्यम से उन्होंने अपना स्वरोजगार शुरू किया, जो अब उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।

अमन कुमार का कहना है कि निगम की वित्तीय सहायता से उन्हें अपना रोजगार शुरू करने का अवसर मिला। ई-रिक्शा चलाकर वह नियमित रूप से आय अर्जित कर रहे हैं और इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना से मिला यह सहयोग उनके लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदम

गांव कोसली की गायत्री और गांव बरियावास के अमन कुमार की यह सफलता की कहानी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का उचित लाभ और सही उपयोग करके अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं।

एचएसएफडीसी (HSFDC) द्वारा सभी पात्र लाभार्थियों से आह्वान किया गया है कि वे निगम की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें और अपनी पात्रता के अनुसार इनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक प्रगति की राह पर आगे बढ़ें।

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