रेवाड़ी: रेवाड़ी। जिले के युवा निशानेबाज कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे रेवाड़ी और हरियाणा का नाम खेल जगत में रोशन किया है।
प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में कमलजीत ने शुरुआत से ही सटीक निशाना साधा और दबाव भरे पलों में भी अपनी बढ़त बनाए रखी। उनकी इस उपलब्धि की सूचना मिलते ही स्थानीय खेल प्रेमियों, कोच और परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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दबाव में नहीं खोया संयम, फाइनल में बनाई निर्णायक बढ़त
प्रतियोगिता के तकनीकी आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार 10 मीटर एयर पिस्टल का फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा था। देश भर के शीर्ष निशानेबाजों के बीच हर एक शॉट पर अंकों का अंतर बहुत कम था।
कमलजीत ने अंतिम राउंड में लगातार 10 इनर रिंग में शॉट दागकर विरोधी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। कोच और खेल जानकारों का कहना है कि कमलजीत की मानसिक एकाग्रता और सटीक तकनीक ही उन्हें पोडियम पर शीर्ष स्थान तक ले गई।

परिजनों का संघर्ष और कड़ी ट्रेनिंग रंग लाई
कमलजीत की इस कामयाबी के पीछे वर्षों का कड़ा अभ्यास और अनुशासन है। स्थानीय स्तर पर अभ्यास के दौरान वे रोजाना 6 से 7 घंटे शूटिंग रेंज में पसीना बहाते रहे हैं।
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परिजनों के मुताबिक सीमित संसाधनों के बावजूद कमलजीत ने कभी लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकाया। कोच ने बताया कि वे शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मेंटल कंडीशनिंग पर भी खास ध्यान देते हैं जिसका सीधा फायदा उन्हें इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में मिला।
स्थानीय युवाओं के लिए बने प्रेरणा
हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र (रेवाड़ी, नारनौल और महेंद्रगढ़) से लगातार निशानेबाजी, कुश्ती और एथलेटिक्स में खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे हैं।
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कमलजीत की इस जीत का सीधा असर जिले के उन उभरते हुए खिलाड़ियों पर पड़ेगा जो शूटिंग जैसे तकनीकी और महंगे खेल में भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर अब बेहतर शूटिंग रेंज और आधुनिक उपकरणों की मांग को भी बल मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराने का अगला लक्ष्य
स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब कमलजीत का ध्यान आगामी राष्ट्रीय ट्रायल्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिक गया है। खेल विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि वे इसी फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो जल्द ही भारतीय निशानेबाजी टीम में उनका चयन तय माना जा रहा है। खेल विभाग के अधिकारियों ने भी पदक विजेता को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी हैं।







