पलवल / गुरुग्राम: राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) द्वारा उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक क्षेत्र श्रावस्ती में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय साहसिक पदयात्रा प्रशिक्षण शिविर (Trekking Camp) में हरियाणा के युवाओं ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 5 हरियाणा बटालियन एनसीसी, गुरुग्राम के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), पलवल के दो होनहार कैडेट्स—सीनियर अंडर ऑफिसर प्रिंस और कैडेट नवीन कुमार देशवाल—का चयन इस प्रतिष्ठित कैम्प के लिए किया गया है। इसके साथ ही, संस्थान में एनसीसी गतिविधियों का संचालन कर रहे अधिकारी कैप्टन उदय सिंह को भी इस शिविर में सैन्य व तकनीकी जिम्मेदारियों के लिए चयनित किया गया है।
यह प्रशिक्षण शिविर 1 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसमें देश भर के विभिन्न डायरेक्ट्रेट्स से आए सैकड़ों कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं।
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तकनीकी शिक्षा के साथ सैन्य अनुशासन का संगम
व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं का राष्ट्रीय स्तर के साहसिक शिविरों तक पहुँचना आईटीआई पलवल के साथ-साथ राज्य के तकनीकी शिक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 5 हरियाणा बटालियन एनसीसी (गुरुग्राम) के मार्गदर्शन में तैयार हुए कैडेट प्रिंस और नवीन कुमार देशवाल ने कठिन शारीरिक दक्षता और अनुशासन सम्बंधी मानकों को पार करते हुए यह स्थान हासिल किया है।
एनसीसी अधिकारी कैप्टन उदय सिंह ने चयन प्रक्रिया और कैम्प के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि साहसिक पदयात्रा शिविर केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनने का ज़रिया नहीं हैं। यह शिविर कैडेट्स को कठिन परिस्थितियों में धैर्य, मानसिक दृढ़ता और टीम वर्क का व्यावहारिक पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा, "जब युवा दुर्गम रास्तों पर एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ते हैं, तो उनमें वास्तविक नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रीय एकता की भावना स्वतः ही विकसित हो जाती है।"
श्रावस्ती शिविर: क्या है खास?
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में आयोजित हो रहा यह ट्रेकिंग कैम्प एनसीसी के ऑल इंडिया ट्रेकिंग अभियानों का हिस्सा है। 8 दिनों तक चलने वाले इस शिविर में कैडेट्स को रोजाना कई किलोमीटर की पैदल ट्रेकिंग, मानचित्र अध्ययन (Map Reading), बीवॉक (Bivouac/अस्थाई पड़ाव) निर्माण और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्राथमिक उपचार जैसी कठिन गतिविधियों में भाग लेना होगा।
इस आयोजन के दौरान हरियाणा एनसीसी दल का प्रतिनिधित्व कर रहे दोनों कैडेट्स न केवल राज्य का परचम लहराएंगे, बल्कि अन्य राज्यों के कैडेट्स के साथ संस्कृति और विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। संस्थान के प्रधानाचार्य ने चयनित कैडेट्स और कैप्टन उदय सिंह को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट और सुरक्षित प्रशिक्षण सत्र की कामना की है।
स्किल डेवलपमेंट और राष्ट्र सेवा एक साथ
अक्सर माना जाता है कि एनसीसी की प्राथमिकता केवल पारंपरिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक सीमित रहती है, लेकिन आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों के कैडेट्स का इस स्तर पर चयन होना इस बात का प्रमाण है कि स्किल डेवलपमेंट और राष्ट्र सेवा एक साथ चल सकते हैं।
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सशस्त्र बलों और नौकरियों में लाभ: इस तरह के ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैम्प में भाग लेने के बाद कैडेट्स को मिलने वाला प्रमाणपत्र एनसीसी 'B' और 'C' सर्टिफिकेट की परीक्षा के साथ-साथ सेना, अर्धसैनिक बलों तथा राज्य पुलिस की भर्तियों में अतिरिक्त बोनस अंक और प्राथमिकता दिलाता है।
व्यक्तित्व में बदलाव: आधुनिक जीवनशैली में जहाँ युवा स्क्रीन-टाइम से घिरे हैं, वहीं श्रावस्ती के कठिन इलाकों में 8 दिनों का यह साहसिक पड़ाव उन्हें विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने में परिपक्व बनाएगा।
8 अक्टूबर को शिविर के सफल समापन के बाद दोनों कैडेट्स और एनसीसी अधिकारी पलवल लौटकर अपने आईटीआई परिसर में साथी छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। संस्थान प्रशासन के अनुसार, इस सफलता के बाद आईटीआई पलवल में एनसीसी की सीटों और नई गतिविधियों को विस्तार देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जा सके।







