गांधी जयंती का मौका केवल महापुरुष को याद करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हरियाणा के गांवों में इस बार चौपालों की रौनक पूरी तरह बदलने वाली है। 2 अक्टूबर की सुबह ठीक 11 बजे जब घड़ियों में सुइयां आपस में मिलेंगी, तब पलवल जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में एक साथ विशेष ग्राम सभाओं का आगाज होगा।

विकास एवं पंचायत विभाग के निर्देशों के तहत उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में पलवल प्रशासन ने इसके लिए कमर कस ली है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र कुमार ने अधिकारियों संग बैठक कर साफ कह दिया है कि इस बैठक को केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए। सभा की शुरुआत गांव-गांव स्वच्छता की शपथ दिलाने के साथ होगी, जिसके बाद जमीनी स्तर पर पंचायत के बजट और भविष्य की योजनाओं का हिसाब-किताब भी जनता के सामने रखा जाएगा।

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चौपाल पर खुलेगा योजनाओं का बही-खाता

अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत रहती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचते-पहुंचते अटक जाता है। CEO जितेंद्र कुमार के अनुसार, इस विशेष ग्राम सभा में जन योजना अभियान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का पूरा ब्योरा रखा जाएगा। इस दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने की दिशा में गांव वाले खुद तय करेंगे कि आने वाले समय में उनके मोहल्ले या गली में किस काम को प्राथमिकता दी जाए। सभा में बाकायदा जरूरी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

एक ही मंच पर जुटेंगी पंचायत की तमाम कड़ियां

यह आयोजन केवल एक महकमे तक सीमित नहीं है। राज्य में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' (17 सितंबर से 17 अक्टूबर) के तहत अब तक गांव में किए गए जनसेवा कार्यों का रिपोर्ट कार्ड ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके साथ ही, गांव की बुनियादी धुरी माने जाने वाले सभी हितधारकों को एक टेबल पर लाया जा रहा है। ग्राम पंचायत, सरपंच, सफाई मित्र, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, युवा क्लब, लाइब्रेरी अधिकारी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, तथा स्काउट्स एंड गाइड्स मिलकर 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान की समीक्षा करेंगे।

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पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए 'जल अर्पण अभियान' की गतिविधियों को भी इसमें जोड़ा गया है। पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग और जल जीवन मिशन के तालमेल से गांव में जल स्रोतों के रखरखाव, पानी की उपलब्धता और 'हर घर जल' व्यवस्था के सुचारू संचालन की सीधी पड़ताल की जाएगी।

पानी और सफाई पर सीधी जवाबदेही

अगर आप ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं तो 2 अक्टूबर की यह बैठक सिर्फ भाषण सुनने का जरिया नहीं है। इसका आपके रोजमर्रा के जीवन पर सीधा असर पड़ता है:

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  • पारदर्शिता और हक: यदि आप राशन, आवास या अन्य पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता में आते हैं और लाभ नहीं मिला है, तो आप सीधे अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।

  • विकास में आपकी मर्जी: आपके वार्ड या गली में नाली, सड़क या लाइट की समस्या है तो GPDP योजना के तहत आप अपनी प्राथमिकता का प्रस्ताव दर्ज करा सकते हैं।

  • पानी और सफाई पर सीधी जवाबदेही: गांव में पानी की आपूर्ति बाधित है या सफाई व्यवस्था ठप है, तो जल जीवन मिशन और स्वच्छता मित्रों की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल पूछे जा सकते हैं।

ग्राम सभा में पारित होने वाले प्रस्तावों को जीपीडीपी (GPDP) पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए गांव को बजट आवंटन और प्रशासनिक मंजूरियां मिलेंगी। प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि ग्राम सभा में महिलाओं और युवाओं की उपस्थिति केवल कागजों पर न हो, बल्कि फैसलों में उनकी हिस्सेदारी दिखे।