ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और सामुदायिक स्वास्थ्य को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से झज्जर जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला उपायुक्त वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे 'आंगन मिलन सेवा' मॉड्यूल के दूसरे दिन दो प्रमुख खंडों - मातनहेल और साल्हावास में जबरदस्त जनभागीदारी देखने को मिली। शुक्रवार को आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में कुल 15,050 महिलाओं, किशोरियों और बच्चों ने हिस्सा लिया।

रंगोली, पेंटिंग और स्पर्धाओं से पोषण का संदेश

शुक्रवार को मातनहेल और साल्हावास के आंगनवाड़ी केंद्रों में माहौल उत्सव जैसा नजर आया। विभागीय टीमों की देखरेख में पेंटिंग प्रतियोगिता, रंगोली सजावट और स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। मातनहेल खंड के 148 केंद्रों में 8,521 और साल्हावास खंड के 111 आंगनवाड़ी केंद्रों में 6,529 लाभार्थियों ने भाग लिया।

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मातनहेल में बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) राजबाला व सुपरवाइजर सुमन रानी, जबकि छुछकवास क्षेत्र में सुपरवाइजर रश्मि रानी के नेतृत्व में टीम ने लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद कायम किया। छुछकवास और मातनहेल के केंद्रों पर अधिकारियों ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पौष्टिक आहार, बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक सूत्र बताए।

सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी

जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) नेहा दहिया ने बताया कि 'आंगन मिलन सेवा' का मकसद आंगनवाड़ी केंद्रों को सिर्फ भोजन वितरण का अड्डा न बनाकर, उन्हें स्वास्थ्य, पोषण और योग की जागरूकता का जीवंत केंद्र बनाना है। इस दौरान विभाग की ओर से संचालित प्रमुख योजनाओं: 

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

  • मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना

  • मुख्यमंत्री मातृत्व एवं शिशु कल्याण योजना

की विस्तृत जानकारी सीधे ग्रामीण लाभार्थियों तक पहुंचाई गई ताकि कोई भी पात्र महिला या बच्चा सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

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अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे सही पोषण से चूक जाते हैं। इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम खुद आपके गांव की आंगनवाड़ी तक पहुंच रही है। यदि आपके घर में गर्भवती महिला, धात्री (दूध पिलाने वाली) माता या छोटे बच्चे हैं, तो वे आंगनवाड़ी में जाकर न सिर्फ मुफ्त पोषाहार व स्वास्थ्य जांच का लाभ ले सकते हैं बल्कि मातृत्व सहायता योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता के लिए पंजीकरण भी करवा सकते हैं।

17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत झज्जर जिले के विभिन्न ब्लॉक और पंचायतों में अगले चरणों के तहत स्वास्थ्य शिविर, योग सत्र और 'सेवा सेतु' कैंपों का आयोजन जारी रहेगा।

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