राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर झज्जर शहर में स्वच्छता और नागरिक कर्तव्य की एक नई तस्वीर देखने को मिली। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 17 दिवसीय 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत शुक्रवार को पूरे शहर में 'सेवा मेरा योगदान' थीम पर विशाल स्वच्छता और पौधरोपण अभियान चलाया गया।

जिला उपायुक्त (डीसी) वर्षा खांगवाल के दिशा-निर्देशों में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान शहर के पुराने नगरपालिका कार्यालय परिसर, सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न पार्कों की सूरत संवारी गई। सुबह से ही सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर श्रमदान किया।

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पार्कों में सफाई और पौधरोपण का दौर

अभियान की मुख्य कड़ी शहर के व्यस्त और कचरा संवेदनशील (Garbage Vulnerable Points) स्थानों की सफाई रही। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमों ने विशेष अभियान चलाकर लंबे समय से जमा कचरे को हटवाया। इसके अलावा, शहरी पार्कों में घास की कटाई, रास्तों की सफाई और नए पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। स्थानीय निवासियों ने हाथ में झाड़ू थामकर और पौधा लगाकर इस जन-आंदोलन में सीधी भागीदारी निभाई।

"स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं": डीएमसी जगनिवास

अभियान की कमान संभाल रहे जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) जगनिवास ने मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान या एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

"अभियान का मूल उद्देश्य स्वच्छता को नागरिकों की दिनचर्या और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। लोग अपने घरों के साथ-साथ गली, मोहल्ले और आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखें और गीला-सूखा कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें।" — जगनिवास, डीएमसी (झज्जर)

उन्होंने आगे कहा कि जब नागरिक स्वयं सार्वजनिक संपत्तियों की सफाई में श्रमदान करते हैं, तो उनमें समाज और शहर के प्रति स्वामित्व (Ownership) और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।

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जनभागीदारी से टिकाऊ बदलाव की ओर

17 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का एक बड़ा आधार जनभागीदारी (Public Participation) है। जिला प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि सरकारी मशीनरी के साथ जब आम जनता कदम मिलाती है, तभी अभियानों का प्रभाव व्यापक और दीर्घकालिक (Permanent) होता है। शुक्रवार को आयोजित 'सेवा मेरा योगदान' मॉड्यूल में युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।