सोनीपत, 27 सितंबर। हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम में 11 वर्षीय बच्चे के साथ कथित कुकर्म का मामला सामने आया है। बाल कल्याण समिति (CWC) की पहल पर बरोदा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सेवादार सचिन को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस और CWC के अनुसार पीड़ित बच्चा अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश से सतलोक आश्रम में सेवा के लिए आया था। घटना 22-23 सितंबर की दरमियानी रात की बताई जा रही है, जिसके बाद आश्रम के ही एक सेवादार ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।

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पूरा मामला क्या है

मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश निवासी एक श्रद्धालु 19 सितंबर को अपने दो बच्चों के साथ गोहाना के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम में सेवा के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि 22 और 23 सितंबर की रात आश्रम में आए कांसडी गांव निवासी सचिन ने 11 साल के बच्चे के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही आश्रम परिसर से ही किसी सेवादार ने डायल-112 पर संपर्क साधा। सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे व उसके पिता को अपने संरक्षण में लिया। बाद में मामले की सूचना जिला बाल कल्याण समिति (CWC) को दी गई।

CWC की पहल पर दर्ज हुआ केस

मामले में शुरुआती मोड़ तब आया जब पीड़ित बच्चे के पिता ने लोक-लाज या अन्य दबाव के चलते औपचारिक शिकायत दर्ज कराने और बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने से संकोच जताया। इसके बाद CWC अध्यक्ष अनीता शर्मा ने मामले का संज्ञान लिया।

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बच्चे और उसके पिता को सपना बाल कुंज (खानपुर कलां) ले जाकर बच्चे की विशेष काउंसलिंग करवाई गई। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे खानपुर स्थित भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज (PGI) में भर्ती कराया गया। CWC चेयरपर्सन अनीता शर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर बरोदा थाना पुलिस ने 24 सितंबर को आरोपी सचिन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 10 के तहत एफआईआर दर्ज की।

आश्रम प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं

घटना सामने आने के बाद जब सतलोक आश्रम प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो आश्रम के मीडिया प्रतिनिधि ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। वहीं, आश्रम से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को भेजे गए संदेशों पर भी खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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कानून और समाज की दृष्टि से अहम सवाल

धार्मिक और आध्यात्मिक परिसरों में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि माता-पिता कई बार सामाजिक बदनामी के डर से कानूनी प्रक्रिया से पीछे हट जाते हैं, लेकिन इस घटना में बाल कल्याण समिति की सक्रियता ने साफ किया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध में अभिभावकों की अनिच्छा के बावजूद संस्थागत शिकायत पर कानून अपना काम करता है।

पुलिस की पड़ताल जारी

बरोदा थाना पुलिस के अनुसार आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर 25 सितंबर को अदालत में पेश किया गया था जहां से उसे सीधे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस अब आश्रम परिसर के संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य गवाहों के बयानों की पड़ताल कर रही है। खानपुर PGI में डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे का स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले में अदालत में चालान पेश करने की तैयारी में है।