हरियाणा के कैथल में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कैथल यूनिट ने सिविल लाइन थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। घटना बुधवार, 30 सितंबर की शाम की है और थाने के भीतर ही पूरा ट्रैप बिछाया गया था।

मामला शुरू कहां से हुआ? 

शिकायतकर्ता ने ACB को बताया था कि उसके खिलाफ थाने में एक शिकायत लंबित थी, और उस पर FIR दर्ज न करने की एवज में सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार लगातार 25,000 रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलते ही ACB टीम ने पहले नियमानुसार उसकी पुष्टि की, फिर जाल बिछाने की योजना बनाई।

यह भी पढ़ें -करनाल NH-44 पर ट्रक से कट लगने के बाद पलटी क्रेटा, रेलिंग में घुसी - 2 घायल

तय प्लान के मुताबिक शिकायतकर्ता तय रकम लेकर थाने पहुंचा। जैसे ही सब-इंस्पेक्टर ने पैसे अपने हाथ में लिए, पहले से मौके पर मौजूद ACB की टीम ने उसे धर दबोचा। पूरी कार्रवाई के दौरान एक राजपत्रित अधिकारी और एक छाया गवाह मौजूद रहे। बता दें कि ट्रैप केस में यह प्रक्रिया अनिवार्य होती है ताकि बाद में कोर्ट में सबूत मज़बूती से टिक सकें।

इस ऑपरेशन की अगुवाई इंस्पेक्टर सुबे सिंह ने की, जो राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कैथल यूनिट के प्रभारी हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में FIR नंबर 19 दर्ज की गई है।

केस से जुड़ा एक दिलचस्प संयोग

इसी महीने हरियाणा में एक और इंस्पेक्टर जिनका नाम भी संयोग से राजेश कुमार है को अंबाला में CID पोस्टिंग के दौरान खनन वाहनों से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था, वो भी करीब दस दिन पहले। हालांकि दोनों अलग-अलग व्यक्ति और अलग-अलग मामले हैं, लेकिन यह दिखाता है कि हरियाणा ACB इन दिनों पुलिस महकमे के भीतर रिश्वतखोरी पर सख़्ती से नज़र बनाए हुए है।

यह भी पढ़ें -यमुनानगर के खेत में मिला अधेड़ का शव, जेब में 50 हज़ार नकद, सिर पर चोट के निशान

यह केस उन नागरिकों के लिए एक सीधा संदेश है जिन्हें थाना स्तर पर रिश्वत की मांग का सामना करना पड़ता है। शिकायत दबाने के बजाय सीधे ACB से संपर्क करना ही वो रास्ता है जिसने इस मामले में कार्रवाई संभव बनाई। हरियाणा ACB का हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल इसी मकसद से चलाया जाता है।

खैर अब गिरफ्तारी के बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। ACB की जांच अभी जारी है, और यह देखना बाकी है कि क्या विभागीय स्तर पर भी कोई कार्रवाई शुरू होती है।

यह भी पढ़ें -कार 5 साल वर्कशॉप में अटकी, अब मालिक को ही देना होगा 40 हज़ार जुर्माना