लाडवा की अनाज मंडी में अब तक 4,64,909 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है, जबकि इसमें से 2,36,000 क्विंटल धान का उठान किया गया है। मार्केट कमेटी लाडवा के चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त ने सोमवार को मंडी का दौरा कर खरीद और उठान कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत कर मंडी में आ रही समस्याओं की जानकारी ली।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मंडी में कुल खरीद का करीब 51 प्रतिशत धान उठाया जा चुका है। उठान में तेजी लाने के लिए ट्रकों और मजदूरों की व्यवस्था बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मंडी में जगह की कमी के कारण नई फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशानी न हो।

यह भी पढ़ें -करनाल मंडियों में 2.16 लाख मीट्रिक टन धान की आवक, उठान के निर्देश

दो एजेंसियों ने खरीदा 4.64 लाख क्विंटल धान

मार्केट कमेटी चेयरमैन के अनुसार, लाडवा मंडी में हैफेड ने अब तक 1,12,340 क्विंटल धान की खरीद की है। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 3,52,569 क्विंटल धान खरीदा गया है। दोनों एजेंसियों की कुल खरीद 4,64,909 क्विंटल है।

डॉ. गणेश दत्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि धान में नमी की जांच समय पर की जाए। उन्होंने 17 प्रतिशत तक नमी वाली फसल की खरीद सुनिश्चित करने और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने को कहा।

किसानों से ली मंडी की व्यवस्थाओं की जानकारी

दौरे के दौरान चेयरमैन ने किसानों से फसल मंडी में लाने, गेट पास, नमी की जांच, बोली और तुलाई की प्रक्रिया के बारे में पूछा। उन्होंने आढ़तियों से खरीद प्रक्रिया और बारदाने की उपलब्धता पर भी चर्चा की।

यह भी पढ़ें -रेवाड़ी में पराली मिट्टी में मिलाने पर किसानों को मिलेंगे 1,200 रुपये प्रति एकड़

उन्होंने कहा कि मंडी में किसी किसान को परेशानी होने पर वह उनसे या मार्केट कमेटी कार्यालय से संपर्क कर सकता है। अधिकारियों को पेयजल, शौचालय, शेड और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए।

24 घंटे के भीतर खरीद और भुगतान प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य

डॉ. गणेश दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर मंडियों में धान खरीद और उठान की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य मंडी में फसल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर खरीद और भुगतान की प्रक्रिया शुरू करना है।

यह भी पढ़ें -हरियाणा में महिला समर्थ संस्थान पुरस्कार के लिए 15 अक्टूबर तक आवेदन

उन्होंने किसानों से धान को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके मंडी में लाने की अपील की, ताकि नमी या अन्य कारणों से होने वाली कटौती से बचा जा सके और उन्हें फसल का पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिल सके।

इस दौरान मार्केट कमेटी के सचिव संत कुमार, आढ़ती अनुज गोयल, बलिंद्र सिंह सहित अन्य आढ़ती, व्यापारी और किसान मौजूद रहे।