कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का रविवार को श्रीराम रंगमंच पर औपचारिक शुभारंभ हुआ। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अन्य अतिथियों के साथ मेला ध्वज फहराया और रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर आतिशबाजी के बीच मेले के उद्घाटन की घोषणा की। इस अवसर पर मेले की आधिकारिक वेबसाइट kotadussehramela.in का भी लोकार्पण किया गया।

उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने मेले की सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के साथ व्यापारियों, कलाकारों, दर्शनार्थियों और मेले से जुड़े कर्मचारियों की सुविधाओं पर ध्यान देने की बात कही।

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व्यापारियों और दर्शकों की सुविधाओं पर जोर

मुख्य अतिथि मदन दिलावर ने कहा कि कोटा का दशहरा मेला लोक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने मेले से जुड़े सभी लोगों को सम्मान देने और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इनमें व्यापारी, स्थानीय कलाकार, दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थी और व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि समन्वित प्रयासों से मेले को अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कोटा को शिक्षा नगरी के साथ पर्यटन नगरी के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने को प्राथमिकता बताया।

नागर ने नवरात्र और रावण दहन के प्रतीकात्मक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि असत्य पर सत्य की विजय के संदेश के साथ लोगों को अपने जीवन की बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।

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सांस्कृतिक विरासत और विकास पर चर्चा

लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कोटा दशहरा मेले से अपने परिवार के ऐतिहासिक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से शहर में विरासत और विकास के समन्वय की बात कही। उन्होंने समाज में महिलाओं के सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया।

शहर भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने मेले को जन-आस्था और लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा आयोजन बताया। महापौर अनुसूइया गोस्वामी ने कहा कि पीढ़ियों के बदलने के बावजूद दशहरा मेले के प्रति कोटा के लोगों का भावनात्मक जुड़ाव बना हुआ है।

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उपमहापौर विवेक राजवंशी ने भी मेले को देशभर में पहचान दिलाने के लिए लोगों के सहयोग की आवश्यकता बताई।

सुरक्षित माहौल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरोसा

मेला अधिकारी एवं नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोटा दशहरा मेला सामाजिक समरसता, व्यापार और लोक कला से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में इस बार दर्शकों के लिए सुरक्षित वातावरण, बेहतर व्यवस्थाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त भावना सिंह ने अतिथियों का आभार जताया।