अजमेर शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 147 करोड़ रुपये की लागत से गैस आधारित 132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) बनाया जाना प्रस्तावित है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत इस परियोजना के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शहर में संभावित स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से भूमि की तकनीकी उपयुक्तता और ग्रिड स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की।

देवनानी ने हाथीभाटा पावर हाउस, टीटी कॉलेज और जयपुर रोड स्थित विभिन्न जमीनों का जायजा लिया। अधिकारियों के साथ चर्चा में भूमि की स्थिति और परियोजना के लिए उसकी उपयोगिता पर विचार किया गया। अभी अंतिम स्थल का चयन होना बाकी है।

यह भी पढ़ें -कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का शुभारंभ, आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च

बाहरी जीएसएस पर निर्भरता कम करने की योजना

फिलहाल अजमेर शहर को बिजली की आपूर्ति बाहरी क्षेत्रों में स्थित जीएसएस के माध्यम से की जाती है। जारी सूचना के अनुसार, लंबी ट्रांसमिशन लाइनों और तकनीकी बाधाओं के कारण आपूर्ति व्यवस्था में चुनौतियां सामने आती हैं। शहर में नया 132 केवी जीएसएस स्थापित होने से बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

परियोजना का उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना है। हालांकि, इसके निर्माण की समयसीमा और अंतिम स्थल की जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।

50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगा सब-स्टेशन

प्रस्तावित जीएसएस को अगले 50 वर्षों की बिजली जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की योजना है। गैस आधारित तकनीक के इस्तेमाल से कम जगह में अधिक क्षमता वाला सब-स्टेशन स्थापित किया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें -राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर, जानें जरूरी नियम

परियोजना पूरी होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्बाध आपूर्ति और कम वोल्टेज की समस्या में कितनी कमी आएगी, यह नेटवर्क की डिजाइन, क्षमता और संचालन पर निर्भर करेगा।

अधिकारियों को समय पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान देवनानी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से परियोजना की तैयारियों पर चर्चा की और तकनीकी तथा प्रशासनिक औपचारिकताएं तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें -जयपुर में अमृता हाट शुरू, 20 अक्टूबर तक खरीद सकेंगे राजस्थान की महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद

इस दौरान राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड और अजमेर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी तथा अभियंता मौजूद रहे। अधिकारियों ने भूमि चयन और परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने का भरोसा दिलाया।

फिलहाल परियोजना के लिए संभावित जमीनों का निरीक्षण किया गया है। निर्माण शुरू होने की तारीख, कार्य पूरा करने की समयसीमा और अंतिम स्थल के चयन की जानकारी सामने आने के बाद इसकी प्रगति की स्थिति और स्पष्ट होगी।