Rewari News: जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना कोसली पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कोविड काल के दौरान एडमिशन लेने और सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में शामिल होने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने के आरोप में राजमान गौड़ नाम के व्यक्ति को धर दबोचा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजमान गौड़ मूल रूप से जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और वर्तमान में लखनऊ में रह रहा था। जांच अधिकारी ने बताया कि कोविड काल के दौरान रेवाड़ी जिले में फर्जी प्रमाण-पत्रों के सहारे परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 19 विद्यार्थियों का मामला प्रकाश में आया था। इस गंभीर मामले की परतें उधेड़ते हुए कोसली थाना पुलिस अब तक 12 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। राजमान गौड़ की गिरफ्तारी इस कड़ी में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मामले में गहन पूछताछ और अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने आरोपी राजमान गौड़ को अदालत में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
मामले की जानकारी देते हुए रेवाड़ी पुलिस ने आमजन के लिए संदेश जारी किया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करना, उन्हें उपलब्ध कराना या किसी भी कार्य में उनका इस्तेमाल करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैर-कानूनी कार्यों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



