चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में ₹13,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में परिवहन, रेल-सड़क संपर्क और औद्योगिक ढांचे से जुड़े काम शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का आवागमन आसान होगा, कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने शहरी परिवहन के विस्तार, घरेलू विनिर्माण और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण को राज्य के आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा उद्योगों की लागत कम करने और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद करता है।
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मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर जोर
प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के एक नए हिस्से को जनता को समर्पित करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन बेहतर होने से शहरों में रहने वाले लोगों का सफर आसान होता है और यात्रा में लगने वाला समय कम किया जा सकता है।
मोदी के अनुसार, वर्ष 2014 में देश के पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 25 शहर हो गई है। उन्होंने बताया कि देश का मेट्रो नेटवर्क 2014 के करीब 250 किलोमीटर से बढ़कर 1,100 किलोमीटर से अधिक हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों में बढ़ती आबादी और यातायात की जरूरतों को देखते हुए केवल सड़कों का विस्तार पर्याप्त नहीं है। इसके साथ आधुनिक सार्वजनिक परिवहन और व्यापक शहरी बुनियादी ढांचे पर भी काम करना जरूरी है।
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विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने की बात
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के विनिर्माण क्षेत्र और लघु उद्योगों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में उद्योगों का विकास देश की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में एक आधुनिक लुब्रिकेंट बेस ऑयल परियोजना की आधारशिला रखने की भी जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और देश की आयात निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
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उन्होंने कहा कि उद्योगों को सुचारु रूप से चलाने के लिए अच्छी सड़कें, रेलवे और बंदरगाह जरूरी हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण से इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों को काम मिलता है। इसके अलावा सीमेंट, स्टील और निर्माण उपकरणों से जुड़ी कंपनियों को भी मांग का लाभ मिल सकता है।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में वृद्धि और रक्षा निर्यात में विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
थूथुकुडी बंदरगाह के विकास का भी उल्लेख
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के थूथुकुडी स्थित वीओ चिदंबरनार बंदरगाह के विकास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बंदरगाह को बड़े कंटेनर जहाजों के अनुकूल बनाने और हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करीब ₹17,000 करोड़ के निवेश का फैसला किया गया है।
यह निवेश कार्यक्रम में घोषित ₹13,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं से अलग संदर्भ में बताया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाहों की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ने से भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के बंदरगाहों पर जहाजों के ठहरने और माल संभालने में लगने वाला समय कम हुआ है। इससे निर्यात और समुद्री व्यापार को गति मिलने की संभावना है।
मत्स्य क्षेत्र के लिए योजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मछुआरों और तटीय समुदायों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य बंदरगाहों के उन्नयन, मछली उतारने के केंद्रों और शीत भंडारण एवं परिवहन सुविधाओं में सुधार की बात कही।
चेन्नई फिशिंग हार्बर के आधुनिकीकरण और राज्य में सीवीड पार्क विकसित करने का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मछुआरों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
उनके अनुसार, मत्स्य उत्पादन में वृद्धि से समुद्री खाद्य निर्यात को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य मछुआरों के परिवारों और तटीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना है।
विकास को राज्यों की प्रगति से जोड़ा
प्रधानमंत्री ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के विकास से ही देश का विकास संभव है और केंद्र सरकार को प्रत्येक राज्य की जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुरूप काम करना चाहिए।
उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्रियों एम. करुणानिधि और जे. जयललिता के साथ अपने संवाद तथा बाद के मुख्यमंत्रियों के साथ काम करने के अनुभवों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारें बदलने के बावजूद तमिलनाडु के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता बनी रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने आईआईटी मद्रास के मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र का दौरा करने और जलकंदेश्वर मंदिर में दर्शन करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आधुनिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से तमिलनाडु के विकास को गति देने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।







